Friday, March 30, 2012


घर में रोटी नहीं इसलिए बेचते हैं बेटियां

shadi
वाराणसी। दामाद का नाम क्या है? साहब नहीं पता। दामाद कहां का रहने वाला है? साहब, दूर किसी जिले का है…। उसका घर-गांव देखे हो? नहीं साहब… उन्होंने खुद आकरतीन रोज पहले लड़की देखी और दूसरे दिन शादी कर ली…। यह तो जानते ही होगे कि किस बिरादरी का है दामाद? नहीं साहब, यह भी नहीं पूछे… हम लोग गरीब हैं… लड़की का ब्याह हो जाए यही बहुत है हमारे लिए…। लड़की देने के एवज में पैसा लिए हो? ज्यादा नहीं साहब, केवल 38 सौ रुपये दिए थे लड़के वालों ने…। बाकी बिचौलिया को दिए होंगे तो हमको नहीं मालूम…।
यह सवाल और जवाब सोमवार दोपहर शिवपुर थाने में एसओ राजकुमार सिंह और उस लड़की निर्मला के मां-बाप के बीच हो रहा था जिसे गरीबी के चलते महज 38 सौ रुपये लेकर बुलंदशहर के अनजान युवक से ब्याह दिया गया। अमर उजाला में सोमवार को खबर छपने पर एसपी सिटी मान सिंह चौहान के आदेश पर एसओ शिवपुर ने पिसौरी गांव की दलित युवती निर्मला के पिता पारस को पूछताछ के लिए बुलाया था। निर्मला से ब्याह रचाने वाले बुलंदशहर में गुलाबडीह इलाके के प्रवीण कुमार जाट को उसके मामा पिंटू समेत शनिवार दोपहर पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था। स्थानीय महिला लालमती सोनकर का आरोप है कि प्रवीण ने बिचौलियों के जरिए शादी के लिए निर्मला को खरीदा था। पैसों के चक्कर में ही निर्मला के गरीब मां-बाप ने बिना कुछ पूछे-जांचे बेटी प्रवीण के हवाले कर दी। इसीलिए उन्होंने प्रवीण को पकड़ा कि पुलिस पता तो लगाए कि वह अपराधी तो नहीं।
थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने अमर उजाला को बताया कि जांच-पड़ताल से पता चला कि पश्चिमी यूपी और हरियाणा के तमाम जिलों में जाट बिरादरी में लड़कियों की बेहद कमी हो गई है। शादी के लिए युवकों को दूसरे राज्यों में जाकर गरीब लड़कियों के घरवालों से मोलभाव करना पड़ता है। बनारस के भी कई इलाकों में जाट बिरादरी के सैकड़ों युवकों ने बिचौलियों के जरिये गरीब परिवार की लड़कियों से ब्याह रचाया है। यह भी सच है कि ज्यादातर लड़कियां दलित हैं जिनके मां-बाप दो जून की रोटी भी नहीं जुटा पाते तो भला शादी के लिए पैसे कहां से लाएंगे। इसी मजबूरी में वे आंख मूंदकर बेटियों को अनजान युवकों के साथ ब्याह देते हैं। यह अपराध से ज्यादा सामाजिक समस्या है। इसलिए अफसरों से सलाह-मशविरा के बाद पकडे़ गए युवक प्रवीण जाट समेत दोनों लोगों को छोड़ दिया गया।
लड़कियों की कमी से बिचौलियों की चांदी
वाराणसी। पश्चिमी यूपी के बुलंदशहर, हापुड़, अलीगढ़, बागपत, एटा, मेरठ समेत कई जिलों में जाट समेत कुछ बिरादरियों में विवाह योग्य लड़कियों की कमी के कारण पूर्वांचल में सक्रिय बिचौलियों की चांदी है। पकड़े गए प्रवीण जाट ने बताया कि उसके तमाम परिचितों ने बनारस के साथ ही आसपास के भी जिलों की गरीब लड़कियों से शादी की है। बिचौलिए पांच से 20 हजार रुपये लेकर लड़की दिखाते हैं। ये बिचौलिए पश्चिमी यूपी के जिलों में जाते रहते हैं। प्रवीण के मुताबिक, बुलंदशहर में वह सौ से ज्यादा लोगों को जानता हैं जिन्होंने इधर आकर पैसे खर्च किए और ब्याह रचाया।
कर दी शादी, बोझ तो हटा
वाराणसी। अमर उजाला टीम को छानबीन के दौरान शिवपुर और बड़ागांव में ऐसे दर्जन भर परिवारों के बारे में पता चला जिन्होंने अपनी बेटियों को पश्चिमी यूपी और हरियाणा के उन युवकों से ब्याह दिया जिनके बारे में वे कुछ भी नहीं जानते हैं। मामला गर्माने पर इन परिवारों को बदनामी का भय सताने लगा इसलिए उन्होंने नाम तो नहीं बताया अलबत्ता बातचीत में यह जरूर कहा कि वे किसी तरह गरीबी में गुजर-बसर कर रहे हैं। बेटी के ब्याह की चिंता बनी रहती है। बिचौलिए बाहर के लड़के लाते हैं, देखने में ठीक रहते हैं और कुछ पैसे देते हैं तो ब्याह कर देते हैं। सिर से बोझ उतर जाता है।

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