Monday, April 16, 2012

न्याय के लिए बच्चों संग भटक रही है दलित विधवा
    मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार में दलितों के हित की अनदेखी की खबर अक्सर आती रहती है. रायसेन जिले के बेगमगंज में सामने आई एक घटना के मुताबिक साहूकार के आतंक से त्रस्त एक विधवा अपने बच्चों के साथ न्याय के लिए दर दर भटकने को मंजूर है. मगर पुलिस द्वारा उसकी कोई मदद नहीं की जा रही है. इससे दुखी महिला अपने दोनों बच्चों के साथ आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए सोचने लगी है. 
बेगमगंज एसडीओपी के दरबार में अपनी गुहार लगाने पहुंची दलित विधवा क्रांतिबाई गोलनदास अपने दो मासूम बच्चों को लेकर पहुंची और अपने ऊपर हो रहे अत्याचार की बात बताया. एसडीओपी को दिए अपने आवेदन में महिला ने बताया कि उसके पति संजीव कुमार गोलनदास की पटाखे बनाते समय विस्फोट होने के कारण मौत हो गई थी. वह अपने दो बच्चों के साथ गुजर बसर करने के लिए स्कूल में एक हजार रु. महीने पर भोजन बनाती है. साहूकार बृजेश शर्मा द्वारा उससे मुफ्त में बेगार कराने का प्रयास किया जाता है, उसके द्वारा मना किए जाने के बाद उसके साथ अभद्र व्यवहार कर मारपीट की और सार्वजनिक नल से पानी भरने पर रोक लगा दी. पीडि़त महिला ने रिपोर्ट थाना गैरतगंज में 29 फरवरी को की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. पिछले दो माह से पुलिस से मदद की गुहार लगा रही दलित विधवा ने थक हार कर आखिकार अब अपना आवेदन एसडीओपी कार्यालय बेगमगंज में देते हुए सुनवाई नहीं होने पर बच्चों सहित खुद को खत्म करने की धमकी दी है. 

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